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कचहरी में हाई-वोल्टेज ड्रामा: बंदर ने वकील के सहायक से छीना ₹2 लाख का बैग, पेड़ से होने लगी 500-500 के नोटों की बारिश

बुलंदशहर कचहरी परिसर में मचा हड़कंप; पुलिस की मुस्तैदी से बरामद हुए ₹1.98 लाख, दो हजार रुपये चबा गया बंद

बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिला कचहरी परिसर में उस समय एक बेहद अजीबोगरीब और हैरान कर देने वाला वाकया सामने आया, जब एक बंदर ने नोटों से भरा बैग छीन लिया और पेड़ पर बैठकर नोटों की बारिश शुरू कर दी। आसमान से 500-500 के नोट गिरते देख कचहरी परिसर में हड़कंप मच गया और नीचे खड़े लोग नोट बटोरने के लिए दौड़ पड़े। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद बिखरे हुए नोट बरामद कर पीड़ित को सौंपे।
बैनामा कराने आया था शख्स, स्टाम्प खरीदने जा रहा था सहायक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुलंदशहर कचहरी में कार्यरत अधिवक्ता सोहनपाल और आमिर के चैंबर पर एक मुवक्किल जमीन का बैनामा कराने पहुंचा था। उसके पास बैग में दो लाख रुपये नगद थे। अधिवक्ता ने अपने सहकर्मी रविन्द्र लोधी उर्फ राजू को स्टाम्प पेपर खरीदने के लिए स्टाम्प विक्रेता के पास भेजा। रविन्द्र नोटों से भरा बैग हाथ में लटकाकर जा ही रहा था कि रास्ते में घात लगाए बैठे एक शातिर बंदर ने झपट्टा मारकर बैग छीन लिया।
खाने की तलाश में फाड़ा बैग, नीचे जमा हुई भीड
रविन्द्र कुछ समझ पाता, इससे पहले ही बंदर बैग लेकर पास के एक ऊंचे नीम के पेड़ पर चढ़ गया। बैग के भीतर खाने-पीने की चीज होने की आशंका में बंदर ने आदतन बैग को फाड़ना शुरू कर दिया। जैसे ही उसने बैग को पूरी तरह फाड़ा, उसमें रखे 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां खुल गईं और हवा में लहराते हुए नोट जमीन पर गिरने लगे।
चश्मदीदों के मुताबिक: “पेड़ से अचानक नोटों की बारिश होते देख लोग सन्न रह गए। जैसे ही माजरा समझ आया, नीचे मौजूद कुछ लोग नोटों को बटोरने के लिए लपक पड़े। वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।”
पुलिस ने संभाला मोर्चा, ₹1.98 लाख सुरक्षित वापस
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने सबसे पहले पेड़ के नीचे घेराबंदी की और लोगों को नोट उठाने से रोका। इसके बाद पुलिस ने सूझबूझ से बंदर और पेड़ की टहनियों पर फंसे नोटों के साथ-साथ जमीन पर बिखरी रकम को सुरक्षित इकट्ठा किया।
काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने कुल 1 लाख 98 हजार रुपये बरामद कर रविन्द्र लोधी को सही-सलामत सौंप दिए। आशंका जताई जा रही है कि बाकी बचे 2 हजार रुपये बंदर ने फाड़ दिए या पेड़ की घनी टहनियों में कहीं खो गए। कचहरी परिसर में यह घटना पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही।

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