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धनबाद में ED की बड़ी कार्रवाई: कोयला माफियाओं के ठिकानों से मिला 600 करोड़ की संपत्ति और नोटों का खजाना

धनबाद/रांची: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को धनबाद में अवैध कोयला कारोबार, रंगदारी और मनी लॉन्ड्रिंग (धनशोधन) के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की। केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ ईडी की टीमों ने कोयला माफियाओं और चर्चित कारोबारियों के 20 से अधिक ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान एजेंसियों को 500-500 रुपये के नोटों का अंबार और करीब 600 करोड़ रुपये की अकूत काली कमाई व बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं।
160 करोड़ का म्यूचुअल फंड फ्रीज, 200 से अधिक अचल संपत्तियां उजागर
छापेमारी के दौरान सबसे बड़ा शिकंजा कोयला कारोबारी लाल बाबू सिंह (एलबी सिंह) पर कसा है। ईडी ने एलबी सिंह के परिसरों से मिले 160 करोड़ रुपये मूल्य के म्यूचुअल फंड को तुरंत फ्रीज कर दिया है। इसके अलावा जांच टीम को प्लाट, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, माइन्स शेयर और 200 से अधिक अचल संपत्तियों के कागजात मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार इन संपत्तियों का अनुमानित मूल्य 500 से 600 करोड़ रुपये से अधिक है।
20 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ छापा, मच गया हड़कंप
मंगलवार सुबह-सुबह ईडी की गाड़ियाँ केंद्रीय बलों के साथ टिकियापाड़ा, महुदा, लोयाबाद, झरिया और बैंक मोड़ समेत कई इलाकों में पहुँचीं। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे धनबाद के कोयला सिंडिकेट में हड़कंप मच गया।
इन प्रमुख कारोबारियों के ठिकानों पर पड़ा छापा:


1- एसके शर्मा (कार्यालय)
2- लाल बाबू सिंह (एलबी सिंह)
3- अनिल गोयल
4- सबीर आलम
5- गणेश यादव
6- पप्पू मंडल
7-शेखर यादव
8-रंजीत सिंह एवं माधव सिंह


डिजिटल सबूत जब्त, फॉरेंसिक जांच जारी
ईडी अधिकारियों ने विभिन्न परिसरों से वित्तीय लेनदेन के रजिस्टर, मोबाइल फोन, लैपटॉप और पेन ड्राइव जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। लोयाबाद के कनकनी इलाके में छापेमारी के दौरान कारोबारियों के परिजनों ने विरोध की कोशिश भी की, लेकिन सुरक्षा बलों की मौजूदगी में अधिकारियों ने घंटों तक दस्तावेजों को खंगाला। जांच एजेंसी अब पूरे वित्तीय नेटवर्क और पैसों के लेनदेन (Money Trail) की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

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