लखनऊ: यूजीसी गाइडलाइन की मांग पर ‘रण’, विधानसभा के सामने पुलिस और प्रदर्शनकारियों में तीखी झड़प
सुहेलदेव आर्मी और छात्र संगठनों का हल्ला बोल; घंटों चला मान-मनौव्वल, हल्का बल प्रयोग कर सभी को ईको गार्डन भेजा गया।
लखनऊ: शनिवार को राजधानी लखनऊ की सड़कें ‘यूजीसी गाइडलाइन’ लागू करने के नारों से गूंज उठीं। विधानसभा के सामने सुहेलदेव आर्मी मार्शल समाज और परिवर्तन चौक पर छात्र संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। घंटों चले हंगामे के बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और ईको गार्डन भेज दिया।
सड़क पर लेट गए कार्यकर्ता, पुलिस से भिड़े
शनिवार दोपहर सुहेलदेव आर्मी मार्शल समाज के दर्जनों कार्यकर्ता अचानक विधानसभा गेट के सामने पहुंच गए। ‘यूजीसी गाइडलाइन लागू करो’ के नारे लगाते हुए कार्यकर्ता मुख्य सड़क पर ही धरने पर बैठ गए, जिससे यातायात प्रभावित होने लगा।
मौके पर पहुंचे एसीपी हजरतगंज और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और हटाने की काफी कोशिश की (मान-मनौव्वल), लेकिन वे टस से मस नहीं हुए। जब प्रदर्शनकारी नहीं माने, तो पुलिस ने उन्हें जबरन हटाने की कोशिश की। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। अंततः पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर बसों में भरा और प्रदर्शन स्थल (ईको गार्डन) भेज दिया।
देर रात तक डटे रहे छात्र
दूसरी ओर, बिरसा अंबेडकर फुले छात्र संगठन के कार्यकर्ता, जो पिछले कई दिनों से लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रदर्शन कर रहे थे, शनिवार को परिवर्तन चौक पहुंच गए। छात्रों का कहना था कि जब तक यूजीसी गाइडलाइन लागू नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
हजरतगंज पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को समझाया और ईको गार्डन जाने की सलाह दी। हालांकि, छात्र वहां से हटने को तैयार नहीं थे। काफी देर तक चली गहमागहमी के बाद पुलिस उन्हें वहां से हटाने में सफल हो सकी। इससे पहले भी लगातार दो दिन पुलिस इन छात्रों को यहां से हटा चुकी है।
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