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पुलिसिया सिस्टम पर भारी पति की दबंगई, न्याय के लिए दर-दर भटक रही पीड़िता

मामला: राजधानी के चौक क्षेत्र का, महिला सशक्तिकरण के दावों पर उठे गंभीर सवाल।
आरोप: ससुराल पक्ष पर उत्पीड़न और मारपीट का आरोप, चौकी से नहीं मिली मदद।
धमकी: पति ने दी खुली चुनौती— ‘जो करना है कर लो, पुलिस मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती।’

लखनऊ: राजधानी के चौक क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा के दावों की हवा निकाल देने वाला एक संवेदनहीन मामला सामने आया है। यहाँ एक विवाहिता अपने मासूम बच्चे के साथ न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। पीड़िता का आरोप है कि पुलिसिया कार्रवाई से बेखौफ उसका पति उसे खुलेआम धमकी दे रहा है कि “जो करना है कर लो, पुलिस मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती।“स्थानीय पुलिस की कथित निष्क्रियता से तंग आकर अब पीड़िता ने इंसाफ की गुहार लगाते हुए सोशल मीडिया का सहारा लिया है।
वर्षों से उत्पीड़न, नक्खास चौकी पर सुनवाई न होने का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चौक क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता सविता का आरोप है कि विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग उसे लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। प्रताड़ना की हद तब पार हो गई जब हाल ही में पति ने उसके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की। लहूलुहान स्थिति में न्याय की आस लेकर जब पीड़िता नक्खास पुलिस चौकी पहुंची, तो वहाँ उसे कथित तौर पर सांत्वना और कार्रवाई के बजाय टरका दिया गया। चौकी पुलिस के इस ढुलमुल रवैये से पीड़िता को गहरा धक्का लगा।
महिला थाने को भी ठेंगा दिखा रहा आरोपी
चौकी से निराश होकर पीड़िता ने महिला थाने का दरवाजा खटखटाया। महिला थाना पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए आरोपी पति को कई बार पूछताछ और काउंसलिंग के लिए तलब किया। लेकिन पुलिस की साख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी पति ने थाने आने तक की जहमत नहीं उठाई। उल्टा, वह पीड़िता को कानूनी कार्रवाई करने पर गंभीर अंजाम भुगतने की धमकियां दे रहा है।
मासूम को गोद में लेकर उच्चाधिकारियों से लगाई गुहार
थानों और चौकियों के चक्कर काटकर थक चुकी सविता अब अपने छोटे बच्चे को गोद में लेकर आला अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रही है। जब खाकी से उसका भरोसा डिगा, तो उसने अपनी आपबीती सोशल मीडिया पर साझा की, जिसके बाद से यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
पीड़िता ने अब पुलिस कमिश्नर सहित अन्य उच्चाधिकारियों से न्याय और अपनी व अपने बच्चे की सुरक्षा की गुहार लगाई है। इस मामले ने एक बार फिर कमिश्नरेट पुलिस की ‘त्वरित कार्रवाई’ के दावों पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

लखनऊ से सैयद मोहम्मद की रिपोर्ट।

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