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विमुक्त जनजातियों के लिए आरक्षण और सम्मान की मांग, भारतीय समाज दल ने उठाया मुद्दा l

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लखनऊ: विमुक्त जनजातियों के लिए आरक्षण और सम्मान की मांग, भारतीय समाज दल ने उठाया मुद्दा भारतीय समाज दल के तत्वावधान में आज उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब में ‘विमुक्ति दिवस’ के अवसर पर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान राजभर, लोधी, निषाद, और पासी जैसी विमुक्त जनजातियों के विकास और अधिकारों की मांग सरकार के समक्ष रखी गई।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, भारतीय समाज दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नारायण राजभर ने बताया कि ब्रिटिश शासनकाल में इन जातियों ने अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह किया था, जिसके बाद 1871 में क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट लागू कर उन्हें ‘जन्मजात अपराधी’ घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस काले कानून ने इन समुदायों को सामाजिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह से बर्बाद कर दिया, जिसके कारण वे मुख्यधारा से कट गए।
श्री नारायण राजभर ने कहा कि आजादी के 78 वर्षों बाद भी ये जातियां विकास की दौड़ में पीछे रह गई हैं। इसलिए, उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि इन जनजातियों के लिए 12.5% आरक्षण लागू किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने यह भी मांग की कि जिन विमुक्त जनजाति के पूर्वजों ने स्वतंत्रता संग्राम में योगदान दिया, उनके वंशजों को स्वतंत्रता सेनानी पेंशन और उचित मान-सम्मान दिया जाए।
इस कार्यक्रम में भारतीय समाज दल के कई प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे, जिनमें राष्ट्रीय महासचिव सुशील कुमार पाण्डेय, राष्ट्रीय सचिव प्रदीप कुमार मिश्रा, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ अध्यक्ष सिद्दी खान, सुहेलदेव सेना के अध्यक्ष गौरव कुमार वर्मा, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष प्रीति वर्मा, और लखनऊ मंडल अध्यक्ष हरिकृष्ण पासी शामिल थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष हरिकृष्ण पासी ने की और इसका संचालन प्रदीप मिश्रा द्वारा किया गया।

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