Site icon

सिनेमा से सियासत तक: संघर्ष, अभूतपूर्व ख्याति और बेबाकी की प्रतिमूर्ति खुशबू सुंदर

बचपन का शोषण, प्रशंसकों द्वारा मंदिर का निर्माण और राजनीति में मजबूत दखल; जानें नखत खान से खुशबू बनने की पूरी दास्तां

नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा और राजनीति के परिदृश्य में कुछ ही शख्सियतें ऐसी होती हैं जो हर मोड़ पर चुनौतियों को मात देकर अपनी एक अलग और अमिट पहचान बनाती हैं। ऐसा ही एक नाम है— खुशबू सुंदर। एक बाल कलाकार के रूप में सिल्वर स्क्रीन पर कदम रखने से लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु प्रदेश उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की पूर्व सदस्य बनने तक, उनका जीवन दृढ़ संकल्प, साहस और अभूतपूर्व सफलताओं की एक अनूठी कहानी है। हाल ही में हिंदी सिनेमा में फिल्म ‘सूबेदार’ के जरिए अनिल कपूर के साथ उनकी वापसी भी काफी चर्चा में रही है।
मुंबई के मुस्लिम परिवार में जन्म, वास्तविक नाम ‘नखत खान
खुशबू सुंदर का जन्म 29 सितंबर 1970 को मुंबई (तब बॉम्बे) के एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनके बचपन का नाम ‘नखत खान’ था। उन्होंने बेहद कम उम्र में बाल कलाकार के तौर पर हिंदी फिल्मों से अपने करियर की शुरुआत की थी। आगे चलकर उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा का रुख किया, जहां उन्होंने अपनी बेहतरीन अदाकारी के दम पर तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में शीर्ष मुकाम हासिल किया और 200 से अधिक फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं निभाईं।
बचपन का दर्दनाक अनुभव: शोषण के खिलाफ मुखर आवाज
खुशबू का जीवन पर्दे पर जितना ग्लैमरस नजर आया, वास्तविक जीवन में उन्होंने उतने ही गहरे जख्म झेले। उन्होंने सार्वजनिक रूप से बेहद साहस के साथ यह साझा किया कि बचपन में उन्हें गंभीर यौन शोषण का सामना करना पड़ा था। इतने संवेदनशील और दर्दनाक दौर से गुजरने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी, बल्कि समाज की रूढ़ियों को तोड़ते हुए अपनी एक नई और मजबूत पहचान बनाई।
निजी जीवन में मिसाल: बिना धर्म बदले हिंदू निर्देशक से विवाह
फिल्मों में काम करने के दौरान खुशबू की मुलाकात जाने-माने निर्देशक और अभिनेता सुंदर सी से हुई। दोनों वर्ष 2000 में परिणय सूत्र में बंध गए। अंतरधार्मिक विवाह होने के बावजूद खुशबू ने आपसी सम्मान की एक आधुनिक मिसाल पेश की। उन्होंने हमेशा खुलकर कहा कि उन्होंने एक हिंदू परिवार में शादी जरूर की, लेकिन कभी अपना धर्म परिवर्तन नहीं किया और न ही उनके ससुराल पक्ष ने कभी उन पर ऐसा कोई दबाव बनाया। वर्तमान में उनकी दो बेटियां हैं और हाल ही में उनकी बेटी अवंतिका का विवाह भी काफी सुर्खियों में रहा।
लोकप्रियता की पराकाष्ठा: जब फैंस ने बना दिया जीवित अभिनेत्री का मंदिर
90 के दशक में दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु में खुशबू सुंदर की दीवानगी इस कदर चरम पर थी कि उनके प्रशंसकों ने उनके सम्मान में एक वास्तविक मंदिर का निर्माण करवा दिया था। भारतीय सिनेमा के इतिहास में किसी जीवित अभिनेत्री के लिए ऐसा समर्पण और ख्याति मिलना बेहद दुर्लभ और ऐतिहासिक माना जाता है। हालांकि, बाद में उनके कुछ सामाजिक रूप से बेबाक बयानों के बाद हुए विवादों में इस मंदिर को क्षति भी पहुंचाई गई थी।
राजनीतिक सफर: द्रमुक और कांग्रेस के बाद भाजपा में मजबूत भूमिका
सिनेमाई पर्दे पर धाक जमाने के बाद खुशबू ने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) से की, जिसके बाद वह कांग्रेस में शामिल हुईं और पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता रहीं। विचारों की स्पष्टता और राष्ट्रवाद की भावना के साथ वर्ष 2020 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया। वर्तमान में वह भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की सदस्य होने के साथ-साथ तमिलनाडु भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
सामाजिक न्याय, महिला अधिकारों और राजनीतिक मुद्दों पर वह आज भी सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर पूरी बेबाकी के साथ अपनी राय रखती हैं। उनका पूरा जीवन यह साबित करता है कि अतीत की कड़वाहट और सामाजिक परिस्थितियां कभी भी आपके हौसलों की उड़ान को सीमित नहीं कर सकतीं।

मुंबई के मुस्लिम परिवार में जन्म, वास्तविक नाम नखत खान, ‘सूबेदार’ फिल्म से हाल ही में हिंदी सिनेमा में वापसी।
II बचपन में झेले गए यौन शोषण के दर्दनाक अनुभव पर सार्वजनिक रूप से खुलकर रखी बात।
III साल 2000 में प्रसिद्ध हिंदू फिल्म निर्देशक सुंदर सी से विवाह, आपसी सम्मान के साथ नहीं बदला अपना धर्म।
IV 1990 के दशक में तमिलनाडु में उनके नाम पर फैंस द्वारा मंदिर का निर्माण कराया गया।
V  द्रमुक और कांग्रेस के बाद भाजपा में शामिल, वर्तमान में तमिलनाडु भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष।

ताजा और नया अपडेट पाने के लिए पोर्टल/यूट्यूब MIRROR INDIA चैनल को सब्सक्राइब करें। अपने क्षेत्र की खबर देने के लिए व्हाट्सएप और ईमेल कर सकते हैं: mirrorindnews@gmail.com

Exit mobile version