लखनऊ: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के भीतर एक बड़ी राजनीतिक हलचल देखने को मिली है। पार्टी के कद्दावर नेता और उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष प्रेमचंद कश्यप ने आज अपने पद और पार्टी की आजीवन सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
ओमप्रकाश राजभर के बेहद करीबी माने जाने वाले कश्यप का यह कदम पार्टी के लिए एक बड़ा आघात माना जा रहा है। उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि सुभासपा की अंदरूनी स्थिति अब पहले जैसी नहीं रही।
इस्तीफे में क्या कहा?
प्रेमचंद कश्यप ने अपने हस्तलिखित त्याग पत्र में स्पष्ट किया है कि वह पूरे होशोहवास में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष (उत्तर प्रदेश) के मुख्य पद और आजीवन सदस्यता पद से इस्तीफा दे रहे हैं। हालांकि उन्होंने इस्तीफे के पीछे के व्यक्तिगत कारणों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन सोशल मीडिया और राजनीतिक हल्कों में इसे पार्टी की कार्यशैली से नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है।
समाज के लिए सराहनीय कदम
प्रेमचंद कश्यप के समर्थकों और समाजसेवियों ने उनके इस फैसले का स्वागत किया है। उनके समर्थकों का मानना है कि यह निर्णय समाज में बड़े बदलाव की दिशा में एक साहसिक कदम है। जिस तरह से उन्होंने “डूबती नाव” (पार्टी) का साथ छोड़कर अपनी नई राह चुनी है, उससे आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति, विशेषकर पिछड़ा वर्ग की राजनीति में बड़े फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।
इस्तीफा देने वाले: प्रेमचंद कश्यप (प्रदेश अध्यक्ष, सुभासपा)
तारीख: 03 मई 2026
स्थान: मैनपुरी/लखनऊ
प्रभाव: पूर्वांचल और मध्य यूपी में पिछड़ा वर्ग के वोट बैंक पर पड़ सकता है असर।
अब देखना यह होगा कि ओमप्रकाश राजभर इस बड़े नुकसान की भरपाई कैसे करते हैं और प्रेमचंद कश्यप की अगली राजनीतिक चाल क्या होगी।
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