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थाईलैंड में नौकरी का झांसा देकर लाओस में युवाओं को बेचा, ‘साइबर स्लेवरी’ कराने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश

* बलरामपुर पुलिस ने मुंबई और संतकबीरनगर से दो तस्करों को किया गिरफ्तार
* यूट्यूब चैनल के जरिये फंसाते थे जाल में, प्रति युवक 2.5 लाख रुपये में होता था सौदा


बलरामपुर: जनपद की तुलसीपुर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह भारतीय युवाओं को थाईलैंड में डाटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी का सपना दिखाकर लाओस ले जाता था और वहां उन्हें ‘साइबर गुलाम’ (Cyber Slaves) बनाकर बेच देता था। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
यूट्यूब से बिछाते थे जाल
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि गिरोह का संचालन सुनियोजित तरीके से किया जा रहा था। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान फैजान रजा (निवासी संत कबीर नगर) और राम प्रवेश सिंह (निवासी जौनपुर, हाल पता मुंबई) के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला कि ये लोग ‘@Faizuvlog350’ नामक यूट्यूब चैनल के माध्यम से थाईलैंड में 60,000 रुपये महीने की नौकरी का विज्ञापन देते थे।
लाओस के ‘गोल्डन ट्राएंगल’ में होता था सौदा
पुलिस के अनुसार, युवाओं से टिकट और वीजा के नाम पर रकम वसूलने के बाद उन्हें बैंकॉक भेजा जाता था। वहां से उन्हें अवैध रूप से ‘गोल्डन ट्राएंगल’ के रास्ते लाओस पहुंचाया जाता था। लाओस में राम प्रवेश सिंह युवाओं को रिसीव करता था और उन्हें स्कैम कंपाउंड में ले जाकर 2.50 लाख रुपये में बेच दिया जाता था। वहां पीड़ितों को बंधक बनाकर उनसे जबरन भारत और अन्य देशों में साइबर ठगी कराई जाती थी।
ऐसे हुई गिरफ्तारी
अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय और सीओ तुलसीपुर डॉ. जितेंद्र कुमार के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह की टीम ने राम प्रवेश सिंह को मुंबई के कांदिवली से और फैजान रजा को संतकबीरनगर के पास से गिरफ्तार किया। इनके पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनमें कई अहम सुराग मिले हैं।

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