“आसरा संवाद” : समग्र विकास और सशक्तिकरण पर संयुक्त पहल

दिनांक: 8 फरवरी, 2026 (रविवार)
स्थान: ए ब्लॉक कमान हाल, दारुलशफा, लखनऊ
आयोजक: एरिस इंडिया | जनतंत्र संस्था | प्रहरी सेवा संस्थान
लखनऊ: समाज के सर्वांगीण विकास और सामुदायिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से “आसरा संवाद” के बैनर तले 8 फरवरी 2026 को ए ब्लॉक कमान हाल, दारुलशफा, लखनऊ में एक महत्वपूर्ण संयुक्त कार्ययोजना बैठक आयोजित की गई। बैठक का केंद्रीय विषय “समग्र विकास और सशक्तिकरण” रहा, जिसमें आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक—तीनों आयामों पर ठोस रणनीति तैयार करने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम में विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समरसता और युवाओं की भागीदारी को प्राथमिकता देते हुए समाज को संगठित, आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने की दिशा में साझा दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया।

बैठक के प्रमुख बिंदु
सामाजिक मुद्दे – “एकजुटता और चेतना”
सत्र में जातिगत भेदभाव, सामाजिक विघटन और सामुदायिक असमानताओं पर गंभीर चर्चा हुई। शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का आधार मानते हुए स्कूल ड्रॉप-आउट दर कम करने, युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगाने तथा सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान चलाने का प्रस्ताव रखा गया। गांव-गांव संवाद और जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई।
आर्थिक मुद्दे – “स्वावलंबन से शक्ति”
रोजगार एवं कौशल विकास को आर्थिक सशक्तिकरण का प्रमुख आधार बताया गया। सरकारी योजनाओं—जैसे मुद्रा लोन, आवास योजना, विश्वकर्मा योजना आदि—की जानकारी आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाने पर बल दिया गया। समाज के भीतर सहयोग कोष/स्वयं सहायता समूह के गठन तथा डिजिटल साक्षरता और तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से आयवृद्धि के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा की गई।
राजनीतिक मुद्दे – “हिस्सेदारी और नेतृत्व”
मतदाता जागरूकता, सजग नागरिकता और पंचायत व निकाय स्तर पर सक्रिय भागीदारी को लोकतांत्रिक सशक्तिकरण की अनिवार्य शर्त बताया गया। युवाओं को केवल भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय नेतृत्व के लिए तैयार करने तथा संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने की रणनीति पर सहमति बनी।
संयुक्त कार्ययोजना (अगले 3 माह हेतु)
बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी तीन महीनों में निम्नलिखित ठोस कदम उठाए जाएंगे—
1 बेरोजगार एवं जरूरतमंद परिवारों का डेटा संग्रह
2 मतदाता जागरूकता अभियान का संचालन
3 सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सामूहिक शपथ एवं अभियान
4 युवाओं और महिलाओं के लिए नेतृत्व व प्रशिक्षण कार्यशालाएं
इन कार्यों के लिए तीनों संस्थाओं के बीच जिम्मेदारियों का स्पष्ट विभाजन सुनिश्चित किया गया।
धार्मिक एवं ऐतिहासिक विमर्श

बैठक के दौरान “कृष्ण धर्म” के विस्तार पर भी व्यापक चर्चा हुई। वक्ताओं ने सामाजिक एकता, आध्यात्मिक मूल्यों और सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने में कृष्ण धर्म की भूमिका पर अपने विचार रखे। युवाओं में नैतिक जागरूकता और सांस्कृतिक आत्मविश्वास विकसित करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया।
इसके अतिरिक्त, “राष्ट्रीय राजभर स्मृति” पुस्तक के सामाजिक और ऐतिहासिक पहलुओं पर भी गहन विमर्श हुआ। वक्ताओं ने समाज के इतिहास, परंपरा और गौरवपूर्ण विरासत को संरक्षित रखने की आवश्यकता रेखांकित की तथा नई पीढ़ी को अपने ऐतिहासिक योगदानों से परिचित कराने का आह्वान किया। पुस्तक में उल्लिखित ऐतिहासिक संदर्भों को समाज के आत्मसम्मान और संगठनात्मक सुदृढ़ता से जोड़ते हुए सार्थक संवाद स्थापित किया गया।

बैठक का मूल संदेश
“सामाजिक एकता, आर्थिक आधार और राजनीतिक भागीदारी — यही है आसरा संवाद का विचार।”
आयोजकों ने सभी जागरूक नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और महिलाओं से अपील की है कि वे सक्रिय भागीदारी के माध्यम से इस साझा पहल को मजबूत करें और समाज के सर्वांगीण विकास में अपना योगदान दें।
संपर्क हेतु:
टीम – आसरा संवाद
(एरिस इंडिया | जनतंत्र संस्था | प्रहरी सेवा संस्थान)
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