अम्बेडकरनगर: फर्जी शिक्षकों पर गिरी बड़ी गाज, 18 बर्खास्त, करोड़ों की रिकवरी का आदेश

अम्बेडकरनगर: जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़ा कर नौकरी हथियाने वाले शिक्षकों पर प्रशासन ने बड़ा चाबुक चलाया है। परिषदीय विद्यालयों में दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान हुए बड़े खुलासे के बाद 18 शिक्षकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। इसके साथ ही आठ शिक्षकों का वेतन रोकते हुए, शासन ने बर्खास्त शिक्षकों से करोड़ों रुपये के वेतन की रिकवरी (वसूली) की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
जांच में खुली फर्जीवाड़े की पोल
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय द्वारा कराए गए अभिलेखों के सत्यापन में यह व्यापक अनियमितता उजागर हुई। जांच में पाया गया कि कई शिक्षकों ने फर्जी बीएड डिग्री, जाली जाति प्रमाण पत्र, और फर्जी सीटीईटी (CTET) अंकपत्रों के सहारे वर्षों से नौकरी कर रहे थे। कुछ मामलों में बिना नियम के प्रबंधकों के माध्यम से भी अवैध नियुक्तियां की गई थीं।
किन गड़बड़ियों पर नपे शिक्षक:
* फर्जी बीएड डिग्री: राम तिलक, मंतूराम, सुरेश कुमार, सुशील कुमार चौधरी, अरुण कुमार, हरि प्रसाद, अवधेश कुमार, दुर्गा प्रसाद, विनोद कुमार (पुत्र राम किरात), विनोद कुमार (पुत्र द्वारिका प्रसाद) और जय प्रकाश।
* फर्जी जाति प्रमाण पत्र: राम रुद्र।
* नियम विरुद्ध नियुक्ति: सुमन त्रिपाठी, नूरजहां और सरिता सिंह।
* फर्जी सीटीईटी अंकपत्र: कृष्ण कुमार द्विवेदी।
* अन्य फर्जी अभिलेख: दीपक कुमार।
इनका रोका गया वेतन:
विभागीय कार्रवाई के तहत अरुण कुमार, हरि प्रसाद, अवधेश कुमार, दुर्गा प्रसाद, विनोद कुमार (दोनों), जय प्रकाश और राम रुद्र का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
सरकारी धन की होगी वापसी, करोड़ों की रिकवरी का नोटिस
शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तय किया है कि फर्जी तरीके से नौकरी कर रहे इन शिक्षकों ने अब तक जो भी वेतन लिया है, उसकी पाई-पाई वसूली जाएगी। विभाग द्वारा जारी की गई प्रमुख रिकवरी सूची इस प्रकार है:
| शिक्षक का नाम | रिकवरी की राशि (रुपये में) |
|—|—|
| अरुण कुमारी | 62,55,354 |
| सुशील कुमार चौधरी | 42,72,197 |
| सरिता सिंह | 36,79,099 |
| सुमन त्रिपाठी | 36,79,099 |
| नूरजहां | 36,79,099 |
| दीपक कुमार | 36,15,204 |
| कृष्ण कुमार द्विवेदी | 9,00,988 |
| सुरेश कुमार | 2,68,705 |
| मंतूराम | 2,65,835 |
| राम तिलक | 2,65,792 |
एमडीएम (MDM) घोटाले में प्रधानाध्यापिका निलंबित
फर्जी शिक्षकों के मामले के बीच ही शिक्षा क्षेत्र अकबरपुर के कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय, रामपुर सकरवारी में भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) द्वारा की गई जांच में पाया गया कि विद्यालय में मध्याह्न भोजन (MDM) नहीं बनवाया जा रहा था और बच्चे घर से टिफिन लाने को मजबूर थे। इस वित्तीय अनियमितता और लापरवाही की दोषी पाए जाने पर प्रधानाध्यापिका हेमलता शुक्ला को निलंबित कर दिया गया है।
35 अन्य शिक्षकों पर लटकी तलवार
जिले में फर्जी शिक्षकों पर यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। वर्ष 2022 में भी कई शिक्षकों को बर्खास्त किया गया था। शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में करीब 35 अन्य शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की गहन जांच चल रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर सरकारी धन लूटने वालों के खिलाफ यह कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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