उत्तर प्रदेश

आजमगढ़ के DM रविन्द्र कुमार के प्रयासों की प्रधानमंत्री ने की सराहना, ‘मन की बात’ में तमसा नदी पुनर्जीवन का किया उल्लेख

आजमगढ़: जिलाधिकारी आजमगढ़ रविन्द्र कुमार एक बार फिर अपने कार्यों को लेकर चर्चा में हैं। जनपद से होकर गुजरने वाली ऐतिहासिक तमसा नदी के पुनर्जीवन के लिए किए गए उनके प्रयासों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुले मंच से सराहना की है। नए वर्ष के पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने आजमगढ़ के इस सामूहिक प्रयास को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोग समाज की सामूहिक शक्ति से समस्याओं का समाधान निकालते हैं और ऐसा ही एक उदाहरण उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में देखने को मिला है, जहां लोगों ने मिलकर तमसा नदी को नया जीवन दिया। उन्होंने उल्लेख किया कि अयोध्या से निकलकर गंगा में समाहित होने वाली तमसा नदी कभी इस क्षेत्र के जनजीवन की धुरी थी, लेकिन प्रदूषण, गाद और कचरे के कारण इसका प्रवाह बाधित हो गया था।

अप्रैल 2025 में कार्यभार ग्रहण करते ही शुरू किया अभियान

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने अप्रैल 2025 में कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण नदी पुनरोद्धार योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने तमसा नदी के पुनर्जीवन को अपनी जिम्मेदारी मानते हुए अधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कराई। नदी तट स्थित चंद्रमा ऋषि आश्रम क्षेत्र का नियमित निरीक्षण किया गया और सफाई कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की गई।

89 किलोमीटर क्षेत्र में चला व्यापक सफाई अभियान

स्वयंसेवी संगठनों, ग्राम पंचायतों और आमजन के सहयोग से लगभग 89 किलोमीटर में बहने वाली तमसा नदी से गाद, प्लास्टिक, कचरा और दाह संस्कार के बाद फेंके गए वस्त्रों को हटाया गया। लगातार सफाई के बाद नदी का जल नहाने और आचमन योग्य हुआ।

पर्यावरणीय संतुलन पर भी विशेष जोर

जिलाधिकारी ने बताया कि तमसा नदी के किनारे 111 ग्राम पंचायतें स्थित हैं। सभी पंचायतों के साथ बैठक कर नदी संरक्षण के लाभ समझाए गए। जहां-जहां नदी पट गई थी, वहां से गाद हटाई गई। साथ ही पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए अतिक्रमण हटाकर नदी किनारे फलदार और छायादार वृक्षों का रोपण कराया गया।

प्रधानों और मनरेगा मजदूरों का अहम योगदान

नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत स्टेट मिशन फॉर क्लीन गंगा और जिला गंगा समिति के समन्वय से अभियान चलाया गया। नदी किनारे डस्टबिन रखवाए गए, साइन बोर्ड लगाकर लोगों को जागरूक किया गया। इसका परिणाम यह हुआ कि न केवल जल गुणवत्ता में सुधार आया, बल्कि जैव विविधता लौटी और कृषि क्षेत्र में मृदा उर्वरता व सिंचाई क्षमता भी बढ़ी।

प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ में मिली सराहना से जनपद में उत्साह का माहौल है और यह प्रयास अन्य जिलों के लिए भी एक मिसाल बनकर उभरा है।

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