उत्तर प्रदेश

KGMU का 22वां दीक्षांत समारोह: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने युवाओं को बांटीं डिग्रियां, कहा— ‘दवा के साथ डॉक्टरों का व्यवहार भी हो हीलिंग

लखनऊ: किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU), उत्तर प्रदेश, लखनऊ का 22वां दीक्षांत समारोह सोमवार को अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में बेहद गरिमामयी और भव्य तरीके से संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में देश के रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने की।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री ब्रजेश पाठक और राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह भी मंच पर मौजूद रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में चिकित्सा जगत के विशेषज्ञ, शिक्षक, छात्र और उनके अभिभावक उपस्थित रहे, जिन्होंने मिलकर इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाया।

मेधावी डॉक्टरों को मिले मेडल और डिग्रियां
दीक्षांत समारोह के दौरान कुल 1,701 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें MBBS और अन्य चिकित्सा पाठ्यक्रमों के मेधावी छात्र शामिल रहे। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल द्वारा मेधावियों को 54 स्वर्ण पदक (Gold Medals) और सम्मान पत्र सौंपे गए। इस वर्ष दीप्ति शर्मा ने 18 पदक जीतकर विश्वविद्यालय के इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। डिग्री पाते ही छात्र-छात्राओं के चेहरे खिल उठे और पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

व्हाइट कोट सिंड्रोम’ से बचें डॉक्टर: राजनाथ सिंह
मुख्य अतिथि एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने युवा डॉक्टरों को संबोधित करते हुए मानवीय संवेदनाओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा,
“अक्सर मरीज डॉक्टरों को देखकर घबरा जाते हैं, जिसे चिकित्सा विज्ञान में ‘व्हाइट कोट सिंड्रोम’ कहा जाता है। डॉक्टरों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके द्वारा लिखी गई दवाओं के साथ-साथ उनका व्यवहार भी मरीज के लिए घाव पर मरहम (हीलिंग टच) का काम करे। जो लोग प्राइवेट क्लीनिक चलाते हैं, उन्हें भी गरीबों के लिए मुफ्त या रियायती इलाज की व्यवस्था करनी चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीक कितनी भी आगे बढ़ जाए, लेकिन वह कभी भी डॉक्टर की करुणा, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण की जगह नहीं ले सकती।

पर्चा बाद में, इलाज पहले होना चाहिए’: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने नए डॉक्टरों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने डॉक्टरों को हिदायत देते हुए कहा कि मरीज का इलाज करना सबसे पहला धर्म होना चाहिए। “कागजी औपचारिकताएं इंतजार कर सकती हैं, लेकिन किसी मरीज का इलाज नहीं।”
वहीं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने KGMU के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए युवा डॉक्टरों को राष्ट्र सेवा के मार्ग पर चलने की शपथ दिलाई।

देश-विदेश में KGMU का बज रहा डंका
दीक्षांत समारोह के अंत में सभी गणमान्य अतिथियों ने नए ग्रेजुएट्स को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया और राष्ट्रगान के साथ इस गरिमामयी समारोह का समापन हुआ। डिग्री पाकर देश की सेवा में कदम रखने जा रहे युवा डॉक्टरों के चेहरे पर एक नई चमक और जिम्मेदारी का भाव साफ दिखाई दे रहा था।

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